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नागपुर में ऐतिहासिक विकास की बयार: MIHAN और वर्धा रोड बन रहे प्रगति के नए प्रतीक, जानिए शहर में क्या बदल रहा है!

नागपुर, जिसे भारत का हृदय कहा जाता है, अब केवल अपनी भौगोलिक स्थिति के लिए ही नहीं, बल्कि चौतरफा विकास के लिए भी सुर्खियों में है। शहर स्मार्ट सिटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और MIHAN (मल्टी-मोडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट, नागपुर) तथा वर्धा रोड जैसे प्रमुख क्षेत्र इस बदलाव का केंद्र बन रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से नागपुर का चेहरा बदल रहा है, जिससे नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

यहां कुछ प्रमुख विकास परियोजनाएं हैं जो नागपुर की प्रगति को गति दे रही हैं:

  • MIHAN का अभूतपूर्व विस्तार: MIHAN परियोजना के लिए फरवरी 2026 में ₹3,994 करोड़ के एक विकास खाके को मंजूरी मिली थी, जिसका उद्देश्य औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कनेक्टिविटी बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का विस्तार करना है। इसके अतिरिक्त, मार्च 2026 में MIHAN के विकास कार्यों को गति देने के लिए ₹160 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। यह 2,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के साथ एक अंतरराष्ट्रीय यात्री और कार्गो हब हवाई अड्डा है, जिसमें आईटी, रत्न और आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स जैसे उद्योग शामिल हैं। ‘न्यू नागपुर डेवलपमेंट प्लान 2026’ के तहत MIHAN में 2032 तक 1.25 लाख नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है, जिसमें ₹11,300 करोड़ का निवेश शामिल है।
  • वर्धा रोड पर प्रगति की लहर: नागपुर को वर्धा से जोड़ने वाले समृद्धि महामार्ग पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है, जिससे यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। फरवरी 2026 से वर्धा रोड पर 8-लेन चौड़ीकरण और मेट्रो पिलर का काम तेजी से चल रहा है। चिंचभवन-MIHAN इंटरचेंज पर 6-लेन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य नवंबर 2025 में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है, जिसका लक्ष्य अगले 24 महीनों में वर्धा रोड पर ट्रैफिक जाम को कम करना है। यह फ्लाईओवर 2.69 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें मौजूदा सड़क के चौड़ीकरण के साथ MIHAN के पास अतिरिक्त 3.05 किलोमीटर का 6-लेन विस्तार भी शामिल होगा। इसके अलावा, MIHAN पुनर्वास कॉलोनी से खापरी सिम तक एक प्रस्तावित 30 मीटर चौड़ी डीपी सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे वर्धा रोड और नागपुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
  • स्मार्ट सिटी पहलें और व्यापक बुनियादी ढांचा: नागपुर को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिसमें स्मार्ट सड़कें, सेंसर-आधारित स्ट्रीट लाइटिंग, भूमिगत केबलिंग और स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम शामिल हैं। शहर में एक एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) भी स्थापित किया गया है, जो यातायात की निगरानी करता है और आपातकालीन सेवाओं को ट्रैक करता है। नागपुर महानगरपालिका चुनावों के बाद ₹1 लाख करोड़ से अधिक के नए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की गई है, जिसमें 24×7 जलापूर्ति, मेट्रो के तीसरे चरण का विस्तार, फ्लाईओवर, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और हरित नागपुर पहलें शामिल हैं। फरवरी 2026 में, नागपुर को ‘ग्रोथ हब’ के लिए ₹5,000 करोड़ का बूस्टर मिला, जो अगले 5 वर्षों में निवेश किया जाएगा, जिससे शहर को उद्योग, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास के रणनीतिक केंद्र के रूप में मजबूत किया जाएगा। हाल ही में शहर के 10 जोनों में 336 गड्ढों की मरम्मत की गई, जिसमें धरमपेठ, गांधीबाग और लक्ष्मीनगर जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम हुआ है।

नागपुर का यह सतत विकास शहर को एक आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और भविष्य के लिए तैयार महानगर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं से न केवल शहर की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नागपुर के नागरिक इस प्रगति के प्रत्यक्ष गवाह बन रहे हैं और यह निश्चित रूप से शहर के सुनहरे भविष्य की नींव रख रहा है।

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