नागपूर में ‘नज़र-24’ अभियान लॉन्च: स्मार्ट सिटी की सुरक्षा अब और मजबूत, AI कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी!
नागपूर शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए नागपूर पुलिस विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 6 मई 2026 को नागपूर पुलिस ने ‘नज़र-24’ नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य शहर की स्मार्ट सिटी निगरानी प्रणाली को दुरुस्त कर उसे और अधिक मजबूत बनाना है। इस पहल के तहत, शहर भर में रणनीतिक स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) युक्त सीसीटीवी कैमरों का एक उन्नत नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित होगी और नागपूर को एक सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
यह अभियान विशेष रूप से हाल ही में सामने आई उन चुनौतियों का समाधान करेगा, जहां शहर के 3,680 स्मार्ट सिटी कैमरों में से 1,000 से अधिक निष्क्रिय पाए गए थे, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात प्रवर्तन में गंभीर कमी आई थी. ‘नज़र-24’ इस व्यापक कमी को दूर करने और उन्नत तकनीक के साथ निगरानी को फिर से सशक्त करने का प्रयास है।
अभियान ‘नज़र-24’ की मुख्य बातें:
- उद्देश्य: इस अभियान का मुख्य लक्ष्य सड़क अपराधों पर नियंत्रण पाना, सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाना और यातायात प्रबंधन में सुधार करना है। यह नागपूर को अपराध-मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
- व्यापक कवरेज: ‘नज़र-24’ परियोजना के तहत, नागपूर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत निष्क्रिय पड़े 1,000 से अधिक कैमरों की मरम्मत और सक्रिय किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, 500 नए उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले AI-संचालित सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जो शहर के प्रमुख वाणिज्यिक क्षेत्रों जैसे सीतापुर्डी (Sitabuldi), धरमपेठ (Dharampeth), सदर (Sadar) और वर्धा रोड (Wardha Road) के व्यस्त चौराहों को कवर करेंगे। नागपूर महानगरपालिका (NMC) और नागपूर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSSCDCL) द्वारा 2.14 करोड़ रुपये की लागत वाली मौजूदा स्मार्ट सिटी निगरानी ग्रिड विस्तार परियोजना के साथ यह पहल एकीकृत की जाएगी.
- उन्नत तकनीक: यह प्रणाली AI-संचालित विश्लेषण और फेशियल रिकॉग्निशन (FR) सिस्टम से लैस होगी, जो वास्तविक समय में संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ प्रबंधन (जैसे ‘AI निरिक्षक’ प्रणाली का उपयोग) और अपराधियों की पहचान करने में मदद करेगी. यह विशेष रूप से स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) और रेड-लाइट उल्लंघन का पता लगाने जैसी उन महत्वपूर्ण AI-संचालित विशेषताओं को बहाल करेगी, जो पहले अक्षम हो गई थीं.
- केंद्रीकृत निगरानी: सभी कैमरा फ़ीड को शहर के उन्नत ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ में एकीकृत किया जाएगा, जिससे पुलिस और नागरिक अधिकारियों को त्वरित निर्णय लेने और आपात स्थितियों पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने में मदद मिलेगी.
- चरणबद्ध कार्यान्वयन: पहले चरण में, अपराध के हॉटस्पॉट और यातायात भीड़ वाले प्रमुख क्षेत्रों जैसे बाजारों (सीतापुर्डी, इतवारी), परिवहन केंद्रों और घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- सहयोगात्मक प्रयास: यह पहल नागपूर पुलिस, नागपूर महानगरपालिका और नागपूर स्मार्ट एंड सस्टेनेबल सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSSCDCL) का एक संयुक्त प्रयास है, जो शहर की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नागपूर पुलिस आयुक्त ने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान में सहयोग करने की अपील की है। आपकी सक्रिय भागीदारी से ही नागपूर truly smart और सुरक्षित शहर बन पाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देकर आप इस अभियान को सफल बनाने में मदद कर सकते हैं। अधिक स्थानीय खबरों और अपडेट्स के लिए, नागपूर इनसाइडर पर विजिट करें।

